दो मिनिट की चाहत…


इम्तिहान का समय, आंखरी कुछ पंक्तियाँ,
कागज़ खत्म हो जायेंगे,
पर दो मिनिट की चाहत,
कभी खत्म नहीं होगी
* * *
सुबह का वक़्त, घडी की ललकार,
जगाने की कोशिशें थक जाएगी,
पर दो मिनिट की चाहत,
कभी खत्म नहीं होगी
* * *
किताब के आंखरी पन्ने, कुछ खुलते हुए राज़,
दफ्तर को भले ही देर हो जायेगी,
पर दो मिनिट की चाहत,
कभी खत्म नहीं होगी
* * *
दोस्तोंके साथ खेलना, शाम का ढलता सूरज,
माँ की आवाज अनसुनी हो जाएगी,
पर दो मिनिट की चाहत,
कभी खत्म नहीं होगी
* * *
 — @pbkulkarni

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