कल का सूरज…


सब्र करेंगे  रातभर, ये अंधेरा ढलनेका,
कल का सूरज क्या लाएगा, किसे है पता?
* * *
क्या होगी धूप कल, या छाँव में दिन गुजरेगा,
कल का दिन क्या दिखायेगा, किसे है पता?
* * *
रास्ता होगा ख़त्म, या चलती जाएँगी राहें,
राही बननेका दर्द है या ख़ुशी, किसे है पता?
# # # # #
सब्र करेंगे दिनभर, फिर सूरज ढलनेका,
ये रातें क्या ख्वाब लाएगी, किसे है पता?
* * *
सुहाने होंगे सपने, या फिरसे दूरियां दिखेगी,
किस कश्मकश से गुजरेंगे, किसे है पता?
* * *
चाहतें होगी पूरी, या तक़दीर फिर से नचाएगी,
ज़िंदगी क्या क्या दिखाएगी, किसे है पता?
# # # # #
— @pbkulkarni

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