ये पल…

ना आनेवाला, ना जानेवाला,
ये पल है यहां ठहरनेवाला
* * *
लम्हें कुछ खामोश है,
कुछ पल मदहोश है,
दिल थोड़ा सेहमासा है,
चाहतोंमें बिखरा सा है,
नया दिन हो उजालेवाला,
ये पल है यहां ठहरनेवाला
* * *
तस्वीर से तुम्हारी बातें हुई,
धड़कनें यूँ बेताब हुई,
उमंगें फिर से जवां हुई,
फिर सच्चाईसे मुलाक़ात हुई,
ये मंज़र यूँ ही है भटकनेवाला,
ये पल है यहां ठहरनेवाला
* * *
कभी दूर ढकेलता हूँ,
फिर पास बुलाता हूँ,
अंदर ही अंदर झुलसता हूँ,
फिर भी तुम्हें पास रखता हूँ,
ये बंधन ना है टूटनेवाला,
मैं हूँ यहां ठहरनेवाला
* * *
— @pbkulkarni
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