ज़िंदगी के साथ…

जब तक आशना ज़िंदा है,
ख्वाबोंका सिलसिला चलने दो,
जब तक ख्वाब ज़िंदा है,
आशा की किरन जलने दो

ज़िंदगी के इस सफर में,
जाने कहा मोड आ जाए,
जब तक रास्ता जवां है,
कदमोंको आगे बढने दो

हमसफर मिलेंगे बिछडेंगे,
वक्त के पहिए ना रुकेंगे,
कभी आँखें नम हुई तो,
आँसूओं को थोडा बहनें दो

मंजिलें काफी दूर है,
और रास्ता शायद कठिन हो,
ठोकरें अगर लगी तो,
खून को थोडा बहने दो

— @pbkulkarni (17-5-2015)