कुछ लम्हें बस…

कभी वक़्त फिसल जाता है,
रेत की तरह,
तो कभी लम्हें जलते है,
जुगनूओंकी तरह,
चाहतें बस उड़ जाती है,
हवाओंकी तरह,
पर तुमसे की हुई मोहोब्बत,
बरक़रार रहेगी हमेशा.
* * * * *
बहोत कुछ माँगा नहीं था,
तुम्हारे सिवा तुमसे,
खुद को तुझमें पाया जब,
झाँका मैंने खुद में,
ख्वाबोंका सिलसिलासा बन गया,
तेरे और मेरे बीच,
रेशमी धागा खींचता गया,
इन दूरियोंकी बीच.
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Love Across The Desert…


हर तरफ उनके ही नाम का चर्चा था,
हर गली, हर शहर,
लेकिन वो इस बात से बेखबर,
प्यार में मस्त, शामो सहर.

सूरज का आना सिर्फ,
नए दिन का संकेत था,
ना तो उन्हें सूरज से,
ना चाँद से कोई वास्ता था.

एक दुसरे की आँखों में उनको,
पूरा जहां दिख जाता,
तो एक दुसरे की बाहों में,
सुकून और ठेहेराव मिल जाता.

आँखों में आँखें और,
सांसें थम सी जाती,
पर्वा थी किसको यहाँ,
जाती तो सिर्फ जान चली जाती.

ऐसे ही जीवन बिताने का,
विचार उनके जहन में था,
पर ये दुनिया के इस कोने में,
तो वो दुसरे कोने में था.